वर्ष 2026 में साल का पहला चद्रग्रहण लगेगा जो 3 मार्च को लगेगा पूर्णिमा के दिन ये ग्रहण लगेगा जिसके चलते होलिका दहन 2 मार्च को पूजा अर्चना की जाएगी क्योकि ग्रहण के समय कोई भी धार्मिक अनुष्ठान करना अवैद्य होता है ।
Chandra Grehan चन्द्रग्रहण 2026
किस टाइम लगेगा :
3 मार्च 2026 को पहला चन्द्रगहण : होलिका दहन 3 मार्च को यानि धुलंडी के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है जिसके अनुसार यह ग्रहण दोपहर 3:18 बजे से लेकर शाम 6:45 बजे तक रहेगा ( कुल 18 मिनट तक चंदमा पूरी तरह से ढका रहेगा )
चन्द्रग्रहण में क्या ना करे :
चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) के दौरान भारतीय मान्यताओं और ज्योतिष के अनुसार कुछ बातों का परहेज करना शुभ माना जाता है। यहाँ उन प्रमुख बातों की सूची है जो ग्रहण के समय नहीं करनी चाहिए:
1. भोजन और खान-पान (Food & Eating)
खाना बनाना और खाना: माना जाता है कि ग्रहण की किरणों से पका हुआ खाना अशुद्ध हो जाता है। इसलिए ग्रहण के दौरान खाना बनाने और खाने से बचना चाहिए।
तुलसी का प्रयोग: पहले से बने हुए खाने या पीने के पानी में तुलसी के पत्ते डाल देने चाहिए ताकि उन पर ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
2. शुभ कार्य की शुरुआत
ग्रहण काल को शुभ नहीं माना जाता, इसलिए कोई भी नया व्यापार, घर का मुहूर्त, सगाई या शादी जैसे मंगल कार्य इस दौरान शुरू नहीं करने चाहिए।
3. पूजा-पाठ और मूर्ति स्पर्श
ग्रहण के समय मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
भगवान की मूर्तियों को छूना (Touch करना) मना होता है। इस समय केवल मानसिक जाप (मन में मंत्र पढ़ना) सबसे अच्छा माना गया है।
4. गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानी (For Pregnant Women)
मान्यताओं के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
उन्हें नुकीली चीजें जैसे कैंची, सुई, या चाकू का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
5. अन्य वर्जित कार्य
सोना (Sleeping): ग्रहण के समय सोने से बचना चाहिए (बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को छोड़कर)।
तेल मालिश या बाल काटना: इस दौरान शरीर की मालिश करना या नाखून और बाल काटना भी वर्जित माना जाता है।
चन्द्रग्रहण के बाद ये करे :
ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान (Bath) करना और पूरे घर में गंगाजल छिड़कना शुभ माना जाता है।
सामर्थ्य अनुसार गरीबों को दान (जैसे अनाज या सफेद कपड़े) देना बहुत फलदायक बताया गया है।










